News waqt

Trending latest News

  • Home
  • Health
    • Fitness
    • Lifestyle
  • Entertainment
    • Movie Review
  • Sports
    • Cricket
  • Politics
  • Tech
    • Mobile
  • Science
  • Education
  • Local News
    • Uttar Pradesh
  • Business
  • Global
Font ResizerAa

News waqt

Trending latest News

Font ResizerAa
  • Home
  • Health
  • Entertainment
  • Sports
  • Politics
  • Tech
  • Science
  • Education
  • Local News
  • Business
  • Global
Search
  • Home
  • Health
    • Fitness
    • Lifestyle
  • Entertainment
    • Movie Review
  • Sports
    • Cricket
  • Politics
  • Tech
    • Mobile
  • Science
  • Education
  • Local News
    • Uttar Pradesh
  • Business
  • Global
Follow US

Language :

News waqt > Health > इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भारतीय आहार: प्राकृतिक सुरक्षा कवच का पूरा गाइड
Health

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भारतीय आहार: प्राकृतिक सुरक्षा कवच का पूरा गाइड

Amit gupta
Last updated: 2025/10/07 at 6:59 AM
Amit gupta
Share
10 Min Read
SHARE

आज के बदलते जीवनशैली, प्रदूषण और मौसम परिवर्तनों के बीच एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी) रखना बेहद जरूरी हो गया है। भारतीय पारंपरिक आहार एक समग्र, सुलभ और वैज्ञानिक रूप से सहायक रास्ता देता है — हमारे मसालों, जड़ी-बूटियों, किण्वित खाद्य और मौसमी सब्ज़ियों में ऐसे कई तत्व होते हैं जो प्रतिरक्षा को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाते हैं। इस लेख में हम सरल भाषा में बताएँगे कि कौन-से भारतीय खाद्य पदार्थ इम्युनिटी बढ़ाते हैं, इन्हें रोज़मर्रा की दिनचर्या में कैसे शामिल करें और छोटे-छोटे व्यावहारिक सुझाव जो आपके रक्षक तंत्र (immune system) को मज़बूत बनाएँगे।

Contents
पारंपरिक मसालों की ताकतआयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ और उनकी भूमिकाविटामिन और खनिज — रोज़ाना की ज़रूरतेंकिण्वित खाद्य और आंत स्वास्थ्य (Gut health)मौसमी फल और सब्जियाँ — स्थानीय और ताजगी सबसे अच्छीपारंपरिक पेय और काढ़ास्वस्थ वसा और प्रोटीनसुपरफूड्स और स्थानीय पत्तेदार सब्जियाँव्यावहारिक सुझाव — रोज़मर्रा के छोटे कदम7-दिन का सरल नमूना मेन्यू (सुझावात्मक)सावधानियाँ और मिथकनिष्कर्षNews Source

पारंपरिक मसालों की ताकत

हल्दी (turmeric): हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व सूजन घटाने, एंटीऑक्सीडेंट और इम्यून-रेगुलेटरी गुण देता है। हल्दी को दूध या काढ़े में मिलाकर लेना परंपरागत तरीका है जो श्वसन सम्बन्धी स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करता है।

अदरक (ginger): अदरक पाचन बेहतर करता है और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण संक्रमण से लड़ने में सहायक होता है। अदरक की चाय या अदरक-नींबू पानी सर्दी-जुकाम के समय तुरंत राहत देता है।

लहसुन (garlic): कच्चा या हल्का पकाया लहसुन एलिसिन जैसे यौगिकों से भरपूर रहता है, जो बैक्टीरिया और वायरस के खिलाफ मददगार हैं। रोज़ के खाने में लहसुन का प्रयोग इम्युनिटी और हृदय स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।

दालचीनी, लौंग, कालीमिर्च: ये मसाले न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि एंटी-ऑक्सीडेंट व एंटी-माइक्रोबियल प्रभाव भी देते हैं — काढ़ा या मसालेदार चाय में शामिल करने पर फायदा मिलता है।

इम्युनिटी

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ और उनकी भूमिका

तुलसी (Holy basil): तुलसी की पत्तियाँ श्वसन संबंधी सुरक्षा, एंटीवायरल और तनाव-रोधी गुणों के लिए जानी जाती हैं। तुलसी की चाय सुबह या शाम पीना अच्छी आदत है।

आंवला (Indian gooseberry): आंवला विटामिन C का समृद्ध स्रोत है — यह व्हाइट ब्लड सेल्स के कार्य को समर्थन देता है और एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि बढ़ाता है।

अश्वगंधा (ashwagandha): एक प्रमुख एडाप्टोजन है जो तनाव कम कर के प्रतिरक्षा प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

गिलोय (giloy): पारंपरिक रूप से जानी जाने वाली जड़ी-बूटी जो इम्युनिटी को सपोर्ट करती है और फीवर-प्रोफाइल स्थितियों में सहायक मानी जाती है।

विटामिन और खनिज — रोज़ाना की ज़रूरतें

प्रतिरक्षा ठीक से काम करने के लिए कुछ विटामिन और मिनरल विशेषकर ज़रूरी हैं:

  • विटामिन C (आंवला, संतरा, अमरूद, बेल): एंटीऑक्सीडेंट और प्रतिरक्षा कोशिकाओं के लिए मददगार।
  • विटामिन A / बीटा-कैरोटीन (गाजर, शकरकंद, पालक): श्लेष्म झिल्ली की सुरक्षा और इम्यून फ़ंक्शन के लिए आवश्यक।
  • विटामिन D (धूप, फ़ोर्टिफाइड खाद्य या डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट): इनर सेल्स के कामकाज में अहम।
  • जिंक (चना, दानेदार अनाज, बीज): संक्रमण से लड़ने वाले कोशिकाओं का समर्थन करता है।
  • आयरन और फोलेट (हरि पत्तेदार सब्जियाँ, दालें): सामान्य प्रतिरक्षा क्रियाओं के लिए ज़रूरी।

सन्तुलित आहार से ये पोषक तत्व प्राकृतिक रूप में मिलते हैं — जहाँ आवश्यकता हो, चिकित्सक की सलाह पर सप्लीमेंट लें।

किण्वित खाद्य और आंत स्वास्थ्य (Gut health)

शरीर की लगभग 70% प्रतिरक्षा कोशिकाएँ आंत से जुड़ी होती हैं। इसलिए प्रोबायॉटिक्स (फायदेमंद बैक्टीरिया) और फाइबर-रिच भोजन बहुत महत्वपूर्ण हैं।

  • दही, छाछ, कच्चा लस्सी — लैक्टोबैसिलस जैसे जैनकृत बैक्टीरिया से भरे हुए हैं।
  • इडली/डोसा बैटर — पारंपरिक किण्वन से तैयार होने पर प्रोबायोटिक्स प्रदान करता है।
  • घरेलू किण्वित खाद्य जैसे ढोकला, कांजी, घी-घुला आहार भी आंत माइक्रोबायोटा को संतुलित रखते हैं।

नियमित किण्वित उत्पाद और जरा-सा रॉ फाइबर आपके इम्यून सिस्टम को सशक्त करने में मदद करेंगे।इम्युनिटी

मौसमी फल और सब्जियाँ — स्थानीय और ताजगी सबसे अच्छी

मौसमी, स्थानीय सब्ज़ियाँ और फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और इन्हें शरीर बेहतर तरीके से स्वीकार करता है। सर्दियों में पालक, मेथी, गाजर, गोभी, अमरूद, संतरा, अनार जैसे फल-सब्जियाँ विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट देती हैं। गर्मियों में खीरा, तरबूज, मौसमी साग ठंडक और हाइड्रेशन देते हैं। कोशिश करें कि रोज़ कम से कम पाँच प्रकार के रंगीन फल-सब्जियाँ आहार में हों — जितना रंग, उतने प्रकार के पोषक तत्व।

पारंपरिक पेय और काढ़ा

हर्बल काढ़े (तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, कालीमिर्च) और हल्दी वाला दूध पारंपरिक लेकिन प्रभावी उपाय हैं। ये न सिर्फ श्वसन व गले के स्वास्थ्य को सपोर्ट करते हैं बल्कि सूजन घटाने और गर्मजोशी देने के कारण भी फायदेमंद होते हैं। हर्बल चाय (अदरक-तुलसी, हल्दी-लहसुन कॉमन काढ़ा) मौसम के हिसाब से रोज़ाना ली जा सकती है।

स्वस्थ वसा और प्रोटीन

आयुर्वेदिक दृष्टि से घी का समावेश थोड़ा मात्रा में फायदेमंद माना गया है — यह आंत की दीवारों को मजबूत कर सकता है और वसा में घुले विटामिनों के अवशोषण में मदद करता है। नारियल तेल और बीजों के तेल भी उपयोगी हैं पर मात्रा नियंत्रित रखें। साथ ही प्रोटीन (दालें, दाना, पनीर, अंडा, मछली जहाँ पसंद हो) प्रतिरक्षा कोशिकाओं के निर्माण के लिए अनिवार्य है।

इम्युनिटीसुपरफूड्स और स्थानीय पत्तेदार सब्जियाँ

मोरिंगा (सहजन) के पत्ते, विभिन्न प्रकार के हरी पत्तेदार साग और स्थानीय जड़ी-बूटियाँ विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट का समृद्ध स्रोत हैं। इन्हें सूखी पाउडर के रूप में या ताजा सब्ज़ी के रूप में शामिल करना सरल और प्रभावी है।

व्यावहारिक सुझाव — रोज़मर्रा के छोटे कदम

  1. सुबह उठकर गुनगुना पानी पीएँ; उसमें नींबू और थोडा सा अदरक जोड़ें।
  2. हर भोजन में हल्दी, लहसुन और अदरक जैसे मसालों का प्रयोग रखें।
  3. सप्ताह में कम से कम 3-4 बार दही या किण्वित खाद्य लें।
  4. ताजे, मौसमी फल-सब्जियों को प्राथमिकता दें — जूस की बजाय पूरा फल खाएँ।
  5. पर्याप्त नींद (7-8 घंटे), नियमित व्यायाम और स्ट्रेस मैनेजमेंट (योग, ध्यान) को अपनाएँ — मानसिक तनाव प्रतिरक्षा को कमजोर कर सकता है।
  6. हाइड्रेशन का ध्यान रखें — पर्याप्त पानी और छाछ/कढ़ा लें।
  7. धूम्रपान, अधिक शराब और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से बचें।

7-दिन का सरल नमूना मेन्यू (सुझावात्मक)

दिन 1 (सुबह): गुनगुना पानी + नींबू, नाश्ते में दही + जई/दलिया + फल

दोपहर: दाल, ब्राउन राइस/रोटी, साग, सलाद

शाम: अदरक-तुलसी की चाय, भुने चने

रात: हल्दी वाला दूध, हल्का सब्ज़ी पुलाव

(इसी तरह विविध सब्जियाँ, दालें, किण्वित नाश्ते और इडली/डोसा, छाछ, मौसमी फल सप्ताह भर में शामिल करें।)

सावधानियाँ और मिथक

  • किसी एक आहार आइटम को “सुपरमैन” न मानें — संतुलित आहार और जीवनशैली ही असली चाबी है।
  • हर्बल सप्लीमेंट्स और जड़ी-बूटियाँ उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें, ख़ासकर यदि आप गर्भवती हैं, दूध पिला रही हैं या किसी दवा पर हैं।
  • अत्यधिक विटामिन या अनावश्यक सप्लीमेंट नुकसान भी कर सकते हैं — डॉक्टरी मार्गदर्शन आवश्यक है।
  • भोजन से तत्काल “इम्युनिटी बूस्ट” की कल्पना अक्सर झूठी होती है — स्थायी लाभ नियमितता और समय से आते हैं।

निष्कर्ष

भारतीय आहार एक समृद्ध, सुलभ और प्रभावी रास्ता देता है जिससे हम अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को प्राकृतिक तरीके से मज़बूत कर सकते हैं। मसालों का नियमित प्रयोग, किण्वित खाद्य, मौसमी फल-सब्जियाँ, पर्याप्त प्रोटीन और स्वस्थ वसा — ये सभी मिलकर आपके शरीर को संक्रमण और तनाव से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण — छोटे-छोटे और निरंतर परिवर्तन अधिक प्रभावी होते हैं — रोज़मर्रा की आदतें ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य तय करती हैं।


News Source

  1. PMC (National Library of Medicine) — Significance of conventional Indian foods acting as immunity enhancers

    https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC8137553/

  2. Times of India — Winter Immunity Boosters: 12 Indian superfoods for natural defense

    https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/health-fitness/diet/winter-immunity-boosters-12-indian-superfoods-for-natural-defense/articleshow/115015085.cms

  3. News18 — Eating For Immunity: Traditional Indian Foods That Heal From Within

    https://www.news18.com/lifestyle/health-and-fitness/eating-for-immunity-traditional-indian-foods-that-heal-from-within-9481001.html

  4. 1mg — 6 Ayurvedic Herbs To Enhance Your Immunity

    https://www.1mg.com/articles/6-ayurvedic-herbs-to-enhance-your-immunity/

  5. Apollo Diagnostics — How to Boost Your immune System with Immunity Boosting Foods

    https://apollodiagnostics.in/blogs/how-to-boost-your-immune-system-with-immunity-boosting-foods-201

  6. Metropolis India — Top 9 Immunity Boosting Foods Straight from the Kitchen

    https://www.metropolisindia.com/blog/lifestyle/top-9-immunity-boosting-foods-straight-from-the-kitchen

  7. NDTV — Add These Nutrients To Your Diet For Better Immunity This Winter

    https://www.ndtv.com/health/add-these-nutrients-to-your-diet-for-better-immunity-this-winter-6964474

  8. Hindustan Times — Ayurveda expert shares traditional Ayurvedic superfoods

    https://www.hindustantimes.com/lifestyle/health/ayurveda-expert-shares-traditional-ayurvedic-superfoods-that-double-up-as-nutraceuticals-ashwagandha-amla-moringa-101758782887527.html

  9. PMC (National Library of Medicine) — Health benefits of ghee: Review of Ayurveda and modern

    https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC10789628/

  10. Food and Nutrition Journal — A Balanced Diet for the Healthy Diversity of Gut Microbiota

    https://www.foodandnutritionjournal.org/volume12number1/ancient-indian-diet-a-balanced-diet-for-the-healthy-diversity-of-gut-microbiota-and-management-of-asthma/

TAGGED: इम्युनिटी, भारतीय आहार
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • पेट के लिए फायदेमंद 4 फल: पाचन और इम्युनिटी को मजबूत करने वाले प्राकृतिक साथी
  • काली कॉफी से लिवर की सेहत में सुधार: फैटी लिवर से बचाव का प्राकृतिक उपाय
  • खाने के बाद पेट मे गैस या पेट फूलना और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं का परमानेंट इलाज़
  • मूली: पाचन की संजीवनी, लेकिन इन 5 चीजों के साथ खाने से हो सकता है नुकसान
  • 🌾 मधुमेह रोगी चावल इस तरह खा सकते हैं — बिना किसी हानि के, स्वाद और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित

You Might Also Like

HealthLifestyle

पेट के लिए फायदेमंद 4 फल: पाचन और इम्युनिटी को मजबूत करने वाले प्राकृतिक साथी

October 27, 2025
FitnessHealth

काली कॉफी से लिवर की सेहत में सुधार: फैटी लिवर से बचाव का प्राकृतिक उपाय

October 25, 2025
HealthLifestyle

खाने के बाद पेट मे गैस या पेट फूलना और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं का परमानेंट इलाज़

October 13, 2025
HealthLifestyle

मूली: पाचन की संजीवनी, लेकिन इन 5 चीजों के साथ खाने से हो सकता है नुकसान

October 12, 2025

Search Box

Pages

  • About Us
  • Contact Us – संपर्क करे
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Terms of Service – Newswaqt.in
News waqtNews waqt
Follow US
  • Home
  • Health
  • Entertainment
  • Sports
  • Politics
  • Tech
  • Science
  • Education
  • Local News
  • Business
  • Global
adbanner
AdBlock Detected
Our site is an advertising supported site. Please whitelist to support our site.
Okay, I'll Whitelist
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?