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News waqt > Health > डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में तेज़ी से रिकवरी के लिए आयुर्वेदिक आहार गाइड: प्लेटलेट्स बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय
Health

डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में तेज़ी से रिकवरी के लिए आयुर्वेदिक आहार गाइड: प्लेटलेट्स बढ़ाने के प्राकृतिक उपाय

Amit gupta
Last updated: 2025/09/20 at 9:05 AM
Amit gupta
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11 Min Read
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डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में तेज़ी से रिकवरी के लिए आयुर्वेदिक आहार गाइड: प्लेटलेट्स कैसे बढ़ाए के प्राकृतिक उपाय
मच्छरजनित बीमारियों का सीज़न आते ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले तेज़ी से बढ़ने लगते हैं। आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ आयुर्वेदिक आहार और जीवनशैली अपनाकर इन बीमारियों से तेज़ी से उबरा जा सकता है। यह लेख आपको बताएगा कि कैसे सही आहार और आयुर्वेदिक उपचारों से आप अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं और प्लेटलेट काउंट को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं।

Contents
मच्छरजनित बीमारियों में आयुर्वेदिक आहार का महत्वरिकवरी को तेज़ करने वाले मुख्य कारकप्लेटलेट्स बढ़ाने वाले प्राकृतिक आहारपपीता और पपीते के पत्ते का जूसअनार और आंवलाचुकंदर और गाजर का जूसव्हीटग्रास और एलोवेरारिकवरी के दौरान सुपाच्य भोजनदाल और खिचड़ीसूप और शोरबादलिया और ओट्सइम्युनिटी बूस्टर आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्सतुलसी, अदरक और काली मिर्च का काढ़ाहल्दी वाला दूधगिलोय का रसहाइड्रेशन के लिए ज़रूरी तरल पदार्थनारियल पानीनींबू पानीहर्बल टीताकत और एनर्जी देने वाले फूड्सदेसी घीखजूर और मुनक्काच्यवनप्राशडेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में बचने योग्य खाद्य पदार्थतली-भुनी और तेल वाली चीज़ेंठंडी चीज़ें और आइसक्रीममसालेदार और खट्टे फूड्सडेयरी प्रोडक्ट्सरिकवरी तेज़ करने के आयुर्वेदिक टिप्ससही खाने का समय और मात्रापर्याप्त आराम और नींदहल्की एक्सरसाइज़प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर फूड्सविटामिन C से भरपूर फलहरी पत्तेदार सब्जियांनट्स और सीड्समच्छरों से बचाव के आयुर्वेदिक उपायनीम की पत्तियों का धुआंप्राकृतिक मॉस्किटो रिपेलेंटनिष्कर्ष

मच्छरजनित बीमारियों में आयुर्वेदिक आहार का महत्व

आयुर्वेद के अनुसार, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां वात और पित्त दोषों के असंतुलन से होती हैं। बीमारी के दौरान शरीर की पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है, इसलिए हल्का, सुपाच्य और पोषक आहार लेना अत्यंत आवश्यक है। सही आहार न केवल शरीर को ऊर्जा देता है बल्कि संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है।

रिकवरी को तेज़ करने वाले मुख्य कारक

रिकवरी की गति कई कारकों पर निर्भर करती है। पर्याप्त हाइड्रेशन, संतुलित पोषण, और आराम सबसे महत्वपूर्ण हैं। आयुर्वेदिक हर्ब्स जैसे गिलोय, तुलसी और नीम का नियमित सेवन इम्युनिटी को मज़बूत बनाता है। प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए पपीते के पत्ते का रस विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।

प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले प्राकृतिक आहार

डेंगू

पपीता और पपीते के पत्ते का जूस

पपीते के पत्ते का जूस प्लेटलेट काउंट बढ़ाने का सबसे प्रभावी प्राकृतिक उपाय है। पपीते के पत्तों में मौजूद एंज़ाइम्स मेगाकैरियोसाइट्स की गतिविधि को बढ़ाते हैं, जिससे प्लेटलेट प्रोडक्शन तेज़ हो जाता है। ताज़े पपीते के पत्तों का रस दिन में 2-3 बार 15-20 ml की मात्रा में लेना चाहिए।

अनार और आंवला

अनार में आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में सहायक है। आंवला विटामिन C का उत्कृष्ट स्रोत है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो संक्रमण से बचाव करते हैं। दिन भर में 2-3 आंवले खाना या आंवले का जूस पीना फायदेमंद है।

चुकंदर और गाजर का जूस

चुकंदर और गाजर में आयरन, फोलिक एसिड और अन्य मिनरल्स होते हैं जो ब्लड सेल्स के उत्पादन को बढ़ाते हैं। इन दोनों का मिक्स जूस दिन में एक बार पीना प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में बहुत प्रभावी है।

व्हीटग्रास और एलोवेरा

व्हीटग्रास को सुपरफूड माना जाता है जो प्लेटलेट काउंट के साथ-साथ रेड और व्हाइट ब्लड सेल्स भी बढ़ाता है। एलोवेरा जूस नियमित रूप से लेने से ब्लड क्वालिटी में सुधार होता है और प्लेटलेट काउंट बढ़ता है।

रिकवरी के दौरान सुपाच्य भोजन

डेंगू

दाल और खिचड़ी

मूंग दाल की खिचड़ी सबसे आसान पचने वाला भोजन है जो कमज़ोर पाचन तंत्र पर भार नहीं डालता। इसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का संतुलित मिश्रण होता है जो ऊर्जा प्रदान करता है। खिचड़ी में हल्दी और घी मिलाकर खाना और भी फायदेमंद है।

डेंगू

सूप और शोरबा

हरी सब्जियों का शोरबा, चिकन सूप या वेजिटेबल सूप पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और आसानी से पच जाते हैं। ये शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ ज़रूरी विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं।

दलिया और ओट्स

दलिया और ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं और पेट को भरा रखते हैं। इन्हें सब्जियों के साथ बनाकर खाना पाचन के लिए आसान होता है।

इम्युनिटी बूस्टर आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक्स

डेंगू

तुलसी, अदरक और काली मिर्च का काढ़ा

तुलसी में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो संक्रमण से बचाव करते हैं। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज़ हैं जो बुखार और दर्द से राहत दिलाती हैं। काली मिर्च मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है और कफ निकालने में मदद करती है।

काढ़ा बनाने की विधि:

  • 10-12 तुलसी के पत्ते
  • 1 इंच अदरक
  • 5-6 काली मिर्च
  • 2 कप पानी में 15-20 मिनट उबालें और छानकर गुनगुना पिएं

हल्दी वाला दूध

हल्दी में कर्क्यूमिन होता है जो शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और बेहतर नींद दिलाता है।

गिलोय का रस

गिलोय को अमृत भी कहते हैं क्योंकि यह जीवनदायिनी शक्तियों से भरपूर है। गिलोय वात और पित्त दोनों को संतुलित करता है और बुखार कम करने में अत्यंत प्रभावी है। सुबह खाली पेट 15-20 मिली गिलोय का रस लेना चाहिए।

हाइड्रेशन के लिए ज़रूरी तरल पदार्थ

नारियल पानी

नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर है जो बुखार के दौरान खोए हुए मिनरल्स की भरपाई करता है। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और एनर्जी देता है।

नींबू पानी

गुनगुने पानी में नींबू, थोड़ा नमक और चीनी मिलाकर बनाया गया ड्रिंक होममेड ORS का काम करता है। यह इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।

हर्बल टी

अदरक की चाय, कैमोमाइल टी या पुदीने की चाय पेट को शांत करती है और नॉज़िया कम करती है। ये नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं और हीलिंग प्रोसेस को तेज़ करती हैं।

ताकत और एनर्जी देने वाले फूड्स

देसी घी

देसी घी में हेल्दी फैट्स होते हैं जो पाचन तंत्र को मज़बूत बनाते हैं। बीमारी के दौरान खिचड़ी और दाल में एक चम्मच देसी घी मिलाना फायदेमंद है।

खजूर और मुनक्का

खजूर और मुनक्का आयरन से भरपूर होते हैं और तुरंत एनर्जी देते हैं। ये नेचुरल शुगर प्रदान करते हैं और कमज़ोरी दूर करते हैं।

च्यवनप्राश

च्यवनप्राश में अनेक जड़ी-बूटियों का मिश्रण होता है जो इम्युनिटी बूस्टर का काम करता है। बीमारी के दौरान डॉक्टर की सलाह से एक चम्मच च्यवनप्राश दिन में दो बार लेना फायदेमंद है।

डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया में बचने योग्य खाद्य पदार्थ

तली-भुनी और तेल वाली चीज़ें

तली हुई चीज़ें पचने में मुश्किल होती हैं और कमज़ोर पाचन तंत्र पर अतिरिक्त भार डालती हैं। जंक फूड, पैकेट फूड और प्रोसेसड फूड से पूरी तरह बचना चाहिए।

ठंडी चीज़ें और आइसक्रीम

फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स से बचना चाहिए क्योंकि ये पाचन को और भी कमज़ोर बना देते हैं। कमरे के तापमान का पानी या गुनगुना पानी पीना बेहतर है।

मसालेदार और खट्टे फूड्स

तेज़ मसालेदार खाना, खट्टे फल (नींबू को छोड़कर) और अचार जैसी चीज़ें पेट में जलन पैदा कर सकती हैं। सादा और हल्का भोजन लेना बेहतर है।

डेयरी प्रोडक्ट्स

दूध, पनीर और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स बीमारी के दौरान पचने में मुश्किल हो सकते हैं। हल्दी वाला दूध छोड़कर अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए।

रिकवरी तेज़ करने के आयुर्वेदिक टिप्स

सही खाने का समय और मात्रा

दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके 5-6 बार खाना खाएं। एक बार में ज्यादा खाने से पाचन पर भार पड़ता है। भोजन हमेशा ताज़ा और हल्का गर्म होना चाहिए।

पर्याप्त आराम और नींद

रिकवरी के दौरान कम से कम 8-10 घंटे की नींद ज़रूरी है। दिन में भी आराम करना चाहिए और भारी काम से बचना चाहिए। स्ट्रेस से बचने के लिए मेडिटेशन और हल्की योग क्रियाएं करनी चाहिए।

प्लेटलेट्स कैसे बढ़ाएं

हल्की एक्सरसाइज़

पूर्ण आराम के बाद जब कमज़ोरी कम हो जाए तो हल्की वॉकिंग शुरू कर सकते हैं। भारी एक्सरसाइज़ या जिम से तब तक बचना चाहिए जब तक पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं।

प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर फूड्स

विटामिन C से भरपूर फल

अमरूद, कीवी, संतरे और स्ट्रॉबेरी में विटामिन C की भरपूर मात्रा होती है। ये इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन K, आयरन और फोलिक एसिड होता है। ये ब्लड क्लॉटिंग में सुधार करती हैं और प्लेटलेट काउंट बढ़ाती हैं।

नट्स और सीड्स

बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन होता है। ये इंफ्लेमेशन कम करते हैं और एनर्जी देते हैं।

मच्छरों से बचाव के आयुर्वेदिक उपाय

नीम की पत्तियों का धुआं

नीम की पत्तियों का धुआं करने से मच्छर भागते हैं और वातावरण शुद्ध होता है। शाम के समय नीम की सूखी पत्तियां जलाकर धुआं करना प्रभावी है।

प्राकृतिक मॉस्किटो रिपेलेंट

नारियल तेल में यूकेलिप्टस, लेमनग्रास या सिट्रोनेला ऑयल मिलाकर शरीर पर लगाना प्राकृतिक मॉस्किटो रिपेलेंट का काम करता है।

निष्कर्ष

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से रिकवरी के लिए आयुर्वेदिक आहार और जीवनशैली अपनाना अत्यंत प्रभावी है। सही डाइट, हर्बल ड्रिंक्स, और प्राकृतिक उपचारों से न केवल तेज़ी से स्वास्थ्य लाभ होता है बल्कि भविष्य में संक्रमण से बचाव भी मिलता है। हालांकि, किसी भी आयुर्वेदिक दवा या उपचार को शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए। सही आहार, पर्याप्त आराम और नियमित दवाओं के साथ आयुर्वेदिक उपचार अपनाकर इन बीमारियों से प्राकृतिक रूप से उबरा जा सकता है।


Health Tips

  • How to Increase Your Platelet Count
  • Ayurvedic Treatment for Chikungunya – Jiva Ayurveda
  • The Indian Express

TAGGED: चिकनगुनिया, डेंगू, प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय, मलेरिया
1 Comment
  • Pingback: "टाइफाइड से बचाव और Effective डाइट गाइड | Superfoods 2025

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